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  • संसद में डेमोक्रेट्स ने ट्रम्प के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया, उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग
    by दैनिक भास्कर,,1733 on January 11, 2021 at 5:29 pm

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डेमोक्रेट्स ने उनके खिलाफ महाभियोग की प्रोसेस शुरू कर दी है। ट्रम्प अमेरिका के पहले राष्ट्रपति हैं जो पद पर रहते हुए लगातार दूसरी बार महाभियोग का सामना कर रहे हैं। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्ज (HOR) की अध्यक्ष नेंसी पेलोसी ने रविवार को ही ट्रम्प पर महाभियोग प्रस्ताव लाने की अनुमति दे दी थी। राष्ट्रपति ट्रम्प पर आरोप है कि 7 जनवरी को उन्होंने अपने समर्थकों को भड़काने का काम किया। इसी के चलते संसद (कैपिटल हिल) में हुई हिंसा में 5 लोगों की मौत हो गई। पेलोसी ने कहा, तुरंत हटाए जाएं ट्रम्प अखबार द हिल के मुताबिक, स्पीकर पेलोसी ने कहा कि हिंसा के मद्देनजर उपराष्ट्रपति माइक पेंस की जिम्मेदारी बनती है कि वे 25वें संशोधन के तहत ट्रम्प को उनके पद से हटाएं। डेमोक्रेट्स को लिखे पत्र में पेलोसी ने कहा कि अगर पेंस कोई कार्रवाई नहीं करते, तो उस स्थिति में महाभियोग पर वोटिंग होगी। ‘संविधान और लोकतंत्र को बचाना है’ पत्र में पेलोसी ने लिखा, ‘हम पर संविधान और लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी है, लिहाजा हमें तुरंत एक्शन लेना होगा। राष्ट्रपति से इन दोनों (संविधान और लोकतंत्र) को खतरा है। जैसे-जैसे दिन गुजरते जाएंगे, राष्ट्रपति द्वारा डेमोक्रेसी को नुकसान पहुंचाने की आशंका बढ़ती जाएगी।’ वहीं, रिपब्लिकंस ने भी डेमोक्रेट्स को चेतावनी दी है कि वे सत्ता ट्रांसफर करने में कोई तल्खी न दिखाएं। इस प्रोसेस को आराम से होने दें। हर तरफ ट्रम्प का विरोध रिपब्लिकन पार्टी के करीब 100 सांसद ऐसे हैं, जिन्होंने साफ तौर पर गुरुवार की हिंसक घटनाओं के लिए अपने नेता और राष्ट्रपति ट्रम्प को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। व्हाइट हाउस के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एजुकेशन मिनिस्टर और तमाम मेंबर्स ऐसे हैं जिन्होंने इस्तीफे दे दिए। 7 जनवरी को क्या हुआ था? अमेरिका में वोटिंग (3 नवंबर) के 64 दिन बाद संसद जो बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने जुटी, तो अमेरिकी लोकतंत्र शर्मसार हो गया। ट्रम्प के समर्थक दंगाइयों में तब्दील हो गए। कैपिटल हिल में तोड़फोड़ और हिंसा की। कैपिटल हिल बिल्डिंग में अमेरिकी संसद के दोनों सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट हैं। ट्रम्प समर्थकों के हंगामे के चलते कुछ वक्त तक संसद की कार्यवाही रोकनी पड़ी थी। 206 साल बाद अमेरिकी संसद में हिंसा हुई यूएस कैपिटल हिस्टोरिकल सोसाइटी के डायरेक्टर सैम्युअल हॉलिडे ने CNN को बताया था कि 24 अगस्त 1814 में ब्रिटेन ने अमेरिका पर हमला कर दिया था। अमेरिकी सेना की हार के बाद ब्रिटिश सैनिकों ने यूएस कैपिटल में आग लगा दी थी। तब से अब तक पिछले 206 साल में अमेरिकी संसद पर ऐसा हमला नहीं हुआ। पिछले साल भी लाया गया था महाभियोग प्रस्ताव ट्रम्प के खिलाफ पिछले साल भी महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। HOR में डेमोक्रेट्स के बहुमत के चलते यह पास हो गया था, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकंस की मेजोरिटी के चलते प्रस्ताव गिर गया। ट्रम्प पर आरोप था कि उन्होंने बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव डाला था। निजी और सियासी फायदे के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए 2020 के राष्‍ट्रपति चुनाव में अपने पक्ष में यूक्रेन से मदद मांगी थी। अमेरिका में राष्ट्रपति के खिलाफ अभियोग के मामले 1868 में अमेरिकी राष्ट्रपति एंड्रयू जॉनसन के खिलाफ अपराध और दुराचार के आरोपों पर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में महाभियोग प्रस्ताव पास हुआ। उनके खिलाफ संसद में आरोपों के 11 आर्टिकल्स पेश किए गए। हालांकि, सीनेट में वोटिंग के दौरान जॉनसन के पक्ष में वोटिंग हुई और वे राष्ट्रपति पद से हटने से बच गए।1998 में बिल क्लिंटन के खिलाफ भी महाभियोग लाया गया था। उन पर व्हाइट हाउस में इंटर्न रही मोनिका लेवेंस्की ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्हें पद से हटाने के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन सीनेट में बहुमत नहीं मिल पाया।वॉटरगेट स्कैंडल में पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन (1969-74) के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई होने वाली थी, लेकिन उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया। उन पर अपने एक विरोधी की जासूसी कराने का आरोप लगा था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today ट्रम्प के खिलाफ पिछले साल भी महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। हालांकि, उस वक्त वे अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे थे। (फाइल फोटो)

  • महिला क्रू मेंबर्स सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु नॉनस्टॉप फ्लाइट लेकर आईं, नॉर्थ पोल के ऊपर से भरी उड़ान
    by दैनिक भास्कर,,1733 on January 11, 2021 at 10:24 am

    एयर इंडिया की एक फ्लाइट सोमवार सुबह सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु पहुंची। यह कई मायनों में खास थी, क्योंकि विमान ने एयरपोर्ट पर लैंड करते ही इतिहास रच दिया। इस फ्लाइट (AI-176) की सभी पायलट महिलाएं रहीं। उन्होंने नॉर्थ पोल के ऊपर से दुनिया के सबसे लंबे रूट से उड़ान भरी। एयर इंडिया के मुताबिक, यह दुनिया की सबसे लंबी कमर्शियल उड़ान है। एयरपोर्ट लॉबी में एयर इंडिया के स्टाफ ने सभी क्रू मेंबर्स का स्वागत किया।विमान ने साढ़े 13 घंटे में 13 हजार 993 किलोमीटर का सफर तय किया। क्रू मेंबर की टीम की कमान कैप्टन जोया अग्रवाल ने संभाली। कॉकपिट में उनके अलावा कैप्टन पापागरी थनमई, कैप्टन आकांशा सोनवरे और कप्तान शिवानी मन्हास मौजूद थीं। विमान के आते ही एयरलाइन कंपनी के स्टाफ ने तालियां बजाकर सभी का स्वागत किया। एविएशन मिनिस्टर बोले- इन लड़कियों ने इतिहास रच दिया यूनियन मिनिस्टर ऑफ सिविल एविएशन हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह जश्न का मौका है। इन लड़कियों ने इतिहास रचा है। नॉर्थ पोल के ऊपर से उड़कर सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु लैंड करने पर इस सभी को बहुत बधाई। एयर इंडिया ने भी सोशल मीडिया पर इस टीम को बधाई दी। उसने लिखा कि एक शानदार सफर पूरा करने के बाद फ्लाइट लैंड कर गई है। एयर इंडिया को गौरव महसूस कराने के लिए बहुत धन्यवाद। हम AI-176 के यात्रियों को भी इसका हिस्सा बनने के लिए बधाई देते हैं। यह ऐतिहासिक पल है। सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट के अधिकारियों ने भी इस मौके पर एयर इंडिया को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि यह एक ऐतिहासिक उड़ान थी। ##लीड कर रहीं कैप्टन ने कहा था- यह सुनहरा मौका टीम को लीड कर रही कैप्टन जोया ने उड़ान से पहले कहा था कि दुनिया में कई सारे लोग हैं, जिन्होंने कभी नॉर्थ पोल नहीं देखा। कई तो ऐसे हैं, जिन्होंने इसे मैप पर भी नहीं देखा होगा। मैं बहुत ही गर्व महसूस कर रही हूं कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री और एयरलाइन ने मुझ पर भरोसा दिखाया। नॉर्थ पोल के ऊपर बोइंग-777 को कमांड करना मेरे लिए किसी सुनहरे मौके से कम नहीं है। जोया बोइंग-777 को उड़ाने वाली सबसे युवा महिला पायलट भी हैं। यह कीर्तिमान उन्होंने 2013 में बनाया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today विमान उड़ाने वाली टीम की कमान कैप्टन जोया अग्रवाल ने संभाली। कॉकपिट में उनके अलावा कैप्टन पापागरी थनमई, कैप्टन आकांशा सोनवरे और कप्तान शिवानी मन्हास मौजूद थीं।

  • ट्रम्प के खिलाफ फिर महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा, पद पर रहते दूसरी बार इसका सामना करने वाले पहले US प्रेसिडेंट
    by दैनिक भास्कर,,1733 on January 11, 2021 at 9:39 am

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। 20 जनवरी को प्रेसिडेंट इलेक्ट यानी जो बाइडेन का शपथ ग्रहण कार्यक्रम है यानी ट्रम्प अब अपने पद पर सिर्फ 9 दिन और रहेंगे। इस बीच, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्ज (HOR) की अध्यक्ष नेंसी पेलोसी ने रविवार को ट्रम्प पर महाभियोग प्रस्ताव लाने की अनुमति दे दी है। ट्रम्प पर आरोप है कि 7 जनवरी को उन्होंने अपने समर्थकों को भड़काने का काम किया। इसी के चलते संसद (कैपिटल हिल) में हुई हिंसा में 5 लोगों की मौत हो गई। अखबार द हिल के मुताबिक, पेलोसी ने कहा कि हिंसा के मद्देनजर उपराष्ट्रपति माइक पेंस की जिम्मेदारी बनती है कि वे 25वें संशोधन के तहत ट्रम्प को उनके पद से हटाएं। डेमोक्रेट्स को लिखे पत्र में पेलोसी ने कहा कि अगर पेंस कोई कार्रवाई नहीं करते, उस स्थिति में महाभियोग पर वोटिंग होगी। अमेरिकी इतिहास में ट्रम्प पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जिन पर कार्यकाल में दूसरी बार महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा। ‘संविधान और लोकतंत्र को बचाना है’ पत्र में पेलोसी ने लिखा, ‘हम पर संविधान और लोकतंत्र को बचाने की जिम्मेदारी है, लिहाजा हमें तुरंत एक्शन लेना होगा। राष्ट्रपति से इन दोनों (संविधान और लोकतंत्र) को खतरा है। जैसे-जैसे दिन गुजरते जाएंगे, राष्ट्रपति द्वारा डेमोक्रेसी को नुकसान पहुंचाने की आशंका बढ़ती जाएगी।’ वहीं, रिपब्लिकंस ने भी डेमोक्रेट्स को चेतावनी दी है कि वे सत्ता के हस्तांतरण की प्रक्रिया में कोई तल्खी न दिखाएं। इस प्रोसेस को आराम से होने दें। ट्रम्प का हर तरफ विरोध रिपब्लिकन पार्टी के करीब 100 सांसद ऐसे हैं जिन्होंने साफ तौर पर गुरुवार की हिंसक घटनाओं के लिए सीधे तौर पर अपने नेता और राष्ट्रपति ट्रम्प को जिम्मेदार ठहराया। व्हाइट हाउस के डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एजुकेशन मिनिस्टर और तमाम मेंबर्स ऐसे हैं जिन्होंने इस्तीफे दे दिए। 7 जनवरी को क्या हुआ था? अमेरिका में वोटिंग (3 नवंबर) के 64 दिन बाद संसद जो बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने जुटी तो अमेरिकी लोकतंत्र शर्मसार हो गया। ट्रम्प के समर्थक दंगाइयों में तब्दील हो गए। कैपिटल हॉल में तोड़फोड़ और हिंसा की। यूएस कैपिटल वही बिल्डिंग है, जहां अमेरिकी संसद के दोनों सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट हैं। कुछ वक्त तक संसद की कार्यवाही रोक दी गई थी। 206 साल बाद अमेरिकी संसद में हिंसा हुई यूएस कैपिटल हिस्टोरिकल सोसाइटी के डायरेक्टर सैम्युअल हॉलिडे ने CNN को बताया था कि 24 अगस्त 1814 में ब्रिटेन ने अमेरिका पर हमला कर दिया था। अमेरिकी सेना की हार के बाद ब्रिटिश सैनिकों ने यूएस कैपिटल में आग लगा दी थी। तब से अब तक पिछले 206 साल में अमेरिकी संसद पर ऐसा हमला नहीं हुआ। पिछले साल भी लाया गया था महाभियोग प्रस्ताव ट्रम्प के खिलाफ पिछले साल भी महाभियोग प्रस्ताव लाया गया था। HOR में डेमोक्रेट्स के बहुमत के चलते यह पास हो गया था, लेकिन सीनेट में रिपब्लिकंस की मेजोरिटी के चलते गिर गया। ट्रम्प पर आरोप था कि उन्होंने बाइडेन के खिलाफ जांच शुरू करने के लिए यूक्रेन पर दबाव डाला था। निजी और सियासी फायदे के लिए अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए 2020 राष्‍ट्रपति चुनाव में अपने पक्ष में यूक्रेन से मदद मांगी थी। अमेरिका में राष्ट्रपति के खिलाफ अभियोग के मामले 1868 में अमेरिकी राष्ट्रपति एंड्रयू जॉनसन के खिलाफ अपराध और दुराचार के आरोपों पर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में महाभियोग प्रस्ताव पास हुआ। उनके खिलाफ संसद में आरोपों के 11 आर्टिकल्स पेश किए गए। हालांकि, सीनेट में वोटिंग के दौरान जॉनसन के पक्ष में वोटिंग हुई और वे राष्ट्रपति पद से हटने से बच गए।1998 में बिल क्लिंटन के खिलाफ भी महाभियोग लाया गया था। उन पर व्हाइट हाउस में इंटर्न रही मोनिका लेवेंस्की ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उन्हें पद से हटाने के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में मंजूरी मिल गई थी, लेकिन सीनेट में बहुमत नहीं मिल पाया।वॉटरगेट स्कैंडल में पूर्व राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन (1969-74) के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई होने वाली थी, लेकिन उन्होंने पहले ही इस्तीफा दे दिया। उन पर अपने एक विरोधी की जासूसी का आरोप लगा था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today डेमोक्रेट्स को लिखे पत्र में पेलोसी ने कहा कि अगर पेंस कोई कार्रवाई नहीं करते, उस स्थिति में महाभियोग पर वोटिंग होगी। (फाइल फोटो)

  • ट्रम्प का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करना भारतीय मूल की विजया का फैसला, वही कंपनी की पॉलिसी तय करती हैं
    by दैनिक भास्कर,,1733 on January 11, 2021 at 9:35 am

    अमेरिका में पिछले बुधवार को इलेक्टोरल वोट की काउंटिंग के दौरान हुई हिंसा ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुश्किलें खड़ी कर दीं। सोशल मीडिया कंपनी ट्विटर ने उनका अकाउंट ही सस्पेंड कर दिया। ट्रम्प अपनी बात कहने के लिए सबसे ज्यादा ट्विटर का ही इस्तेमाल करते थे। कंपनी के इस फैसले के पीछे 45 साल की भारतीय-अमेरिकन विजया गड्डे मजबूती से खड़ी थीं। विजया कंपनी की टॉप लॉयर हैं। उन्होंने ही ट्रम्प के ट्विटर अकाउंट परमानेंट सस्पेंड करने की पुष्टि की थी। ट्विटर ने शुक्रवार को पहली बार ट्रम्प का हैंडल सस्पेंड किया था। कंपनी का मानना है कि ट्रम्प ने अपने ट्वीट के जरिए US कैपिटल में दंगाइयों को उकसाया और उनका सपोर्ट किया। इसके बाद विजया सामने आईं। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने का खतरा है, इसलिए डोनाल्ड ट्रम्प के अकाउंट को स्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है। कंपनी के लीगल, पॉलिसी एंड ट्रस्ट और सेफ्टी इश्यू की हेड विजया ने सोशल मीडिया पर कंपनी की पॉलिसी के बारे में भी जानकारी दी। ट्विटर ने क्यों बंद किया ट्रम्प का अकाउंट, ट्रम्प आगे क्या करेंगे; इस मामले में क्यों आया मिशेल ओबामा का नाम? भारत में जन्म, अमेरिका में पढ़ाई विजया का जन्म भारत में हुआ था। बचपन में ही वे परिवार के साथ अमेरिका चली गई थीं। उनके पिता मैक्सिको की एक ऑयल रिफाइनरी में केमिकल इंजीनियर थे। विजया ने न्यू जर्सी में हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने अपना ग्रैजुएशन कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी लॉ स्कूल से किया। करीब एक दशक तक एक लॉ फर्म में काम करने के बाद 2011 में उन्होंने बतौर कॉर्पोरेट लॉयर ट्विटर को जॉइन किया था। वह बैकग्राउंड में रहकर कंपनी की नीतियां तय करती हैं। उन्होंने इस दौरान कंपनी को आकार देने में मदद की है। दुनिया की राजनीति में ट्विटर का रोल बढ़ रहा है, इसके पीछे विजया को ही माना जाता है। दुनिया बदलने वाली महिलाओं में शामिल भारत यात्रा के दौरान ट्विटर के को-फाउंडर जैक डोरसे ने दलाई लामा के साथ एक तस्वीर पोस्ट की थी। इसमें विजया दलाई लामा और जैक का हाथ पकड़े दिखाई दे रही हैं।फॉर्च्यून मैग्जीन के मुताबिक, पिछले साल विजया जब ओवल ऑफिस में थीं, तब ट्विटर के को-फाउंडर जैक डोरसे डोनाल्ड ट्रम्प से मिले थे। नवंबर 2018 में उन्होंने भारत के PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। डोरसे ने भारत यात्रा के दौरान दलाई लामा के साथ एक तस्वीर पोस्ट की थी। तब विजया दलाई लामा का हाथ पकड़े हुए दोनों के बीच में खड़ी थीं। विजया ने उस वक्त सभी का ध्यान खींचा, जब उन्होंने कुछ बड़े अमेरिकी पब्लिकेशन में जगह बनाई। अमेरिकी कंपनी पोलिटिको ने उन्हें सबसे ताकतवर सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव बताया था, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। इन स्टाइल मैग्जीन ने उन्हें दुनिया को बदलने वाली महिलाओं में शामिल किया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today नवंबर 2018 में ट्विटर के एक डेलीगेशन ने PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उनमें विजया (बाएं) भी शामिल थीं।-फाइल फोटो

  • भारत ने ईस्टर्न लद्दाख में पकड़ा गया चीन का सैनिक लौटाया, तीन दिन पहले LAC पार करके आया था
    by दैनिक भास्कर,,1733 on January 11, 2021 at 7:41 am

    भारतीय सेना ने अपने इलाके में आए चीनी सैनिक को सोमवार को लौटा दिया। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के इस सैनिक को शुक्रवार को ईस्टर्न लद्दाख में पकड़ा गया था। उसे पैगॉन्ग त्सो के दक्षिणी तट पर लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारतीय सीमा में घुसने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। सूत्रों ने बताया कि सैनिक को चुशुल मोल्डो बॉर्डर पॉइंट पर सुबह 10 बजकर 10 मिनिट पर लौटा दिया गया। भारतीय और चीनी सेना के बीच इस इलाके में आठ महीने से ज्यादा समय से तनाव है। पैंगॉन्ग लेक एरिया में दोनों पक्षों के बीच झड़प के बाद पिछले साल मई में इसकी शुरुआत हुई थी। सेना की ओर से शनिवार को बताया गया था कि PLA का एक सैनिक LAC पार करके आ गया था। इसके बाद यहां तैनात भारतीय सैनिकों ने उसे हिरासत में ले लिया था। चीन ने कहा था- गलती से LAC के उस पार चला गया सैनिक चीन ने अपने सैनिक की फौरन रिहाई की मांग की थी। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के मुताबिक, यह सैनिक अंधेरे और इलाके की समझ न होने की वजह से भारतीय इलाके में पहुंच गया था। इसलिए उसे जल्द रिहा किया जाना चाहिए। चीनी सेना ने कहा था कि हमने इस बारे में भारतीय सेना को जानकारी देकर उनसे सैनिक की खोज में मदद देने की अपील की थी। भारतीय सेना ने दो घंटे बाद बताया कि हमारा सैनिक उनके पास है और वे आला अफसरों से बातचीत के बाद उसे रिहा कर देंगे। तीन महीने पहले भी एक सैनिक लौटाया था भारतीय सेना ने तीन महीने पहले भी लद्दाख में एक चीनी सैनिक को पकड़ा था। दोनों पक्षों में बातचीत के बाद उसे चुशूल-मोल्डो मीटिंग पॉइंट पर लौटा दिया गया। यह सैनिक भी भटककर लद्दाख के चुमार-डेमचोक इलाके में आ गया था। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today इस इलाके में भारत और चीन की सेना के बीच आठ महीने से तनाव बना हुआ है।-फाइल फोटो

  • जापान में वायरस का नया स्ट्रेन मिला, ब्राजील से पहुंचा; यह ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग
    by दैनिक भास्कर,,1733 on January 11, 2021 at 3:23 am

    अमेरिका और ब्रिटेन में वैक्सीनेशन शुरू हो चुका है, भारत में भी इसी हफ्ते वैक्सीनेशन शुरू होगा। वहीं, कोरोनावायरस का लगातार स्वरूप (म्यूटेशन) बदल रहा है। अब जापान में वायरस का नया स्वरूप सामने आया है। यह वहां ब्राजील से पहुंचा। यह स्ट्रेन ब्रिटेन और साउथ अफ्रीका में मिले स्ट्रेन से अलग है। जापान सरकार के मुताबिक, चार लोगों में नया स्ट्रेन मिला है, जिनमें 40 साल का एक पुरुष, 30 साल की महिला और 2 किशोर है। इससे पहले जापान में ब्रिटेन और साउथ अफ्रीकी स्ट्रेन के करीब 30 मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच, कोरोनावायरस के दुनिया में 9 करोड़ 06 लाख 93 हजार 590 मामले आ चुके हैं। अब तक 19 लाख 43 हजार 173 लोगों की मौत हो चुकी है। अच्छी बात यह कि 6 करोड़ 48 लाख 13 हजार 856 लोग ठीक भी हो चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। रूस और मैक्सिको में नए स्ट्रेन के पहले केस मिले रूस और मैक्सिको में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन से संक्रमित मरीज मिले हैं। इस वैरिएंट के बारे में सबसे पहले ब्रिटेन में पता चला था। इसके मरीज भारत समेत 40 से ज्यादा देशों में मिल चुके हैं। मैक्सिको के तमौलिपास राज्य की हेल्थ सेक्रेटरी ग्लोरिया मोलिना गंबोआ ने बताया कि विदेश से आए एक व्यक्ति में वायरस के नए वैरिएंट B117 की पुष्टि हुई है। यह 29 दिसंबर को यहां आया था। उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के साथ सफर करने वाले लोगों और विमान के क्रू मेंबर की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं, देश के राष्ट्रपति के स्पोक्समैन जीसस रामिरेज क्यूवास ने रविवार को खुद के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उनकी सेहत ठीक है और हेल्थ प्रोटोकाल का पालन करते हुए वे घर से ही काम करेंगे। इसी तरह रूस ने अपने यहां नए स्ट्रेन के पहले केस की पुष्टि की है। यह शख्स ब्रिटेन से लौटा था। कोविड-19 रिस्पॉन्स सेंटर के मुताबिक, रूस में बीते 24 घंटे में कोरोना के 22,851 नए मामले सामने आए हैं। वैक्सीनेशन शुरू होने के बावजूद यहां नए मरीजों की संख्या में बहुत कमी नहीं दिखी है। फ्रांस में एक हफ्ते की बढ़त के बाद सबसे कम मरीज मिले फ्रांस की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक देश में रविवार को 15 हजार 944 नए मामलों की पुष्टि हुई है। यह 3 जनवरी के बाद से एक दिन में मिलने वाले संक्रमितों की सबसे कम संख्या है। वहीं मरने वालों की संख्या भी घटकर 151 रह गई है। फ्रांस में अब तक 28 लाख 40 हजार 864 केस हो चुके हैं। ब्रिटेन के यह यूरोप दूसरा सबसे प्रभावित देश है। कोरोना प्रभावित टॉप-10 देशों में हालात देश संक्रमित मौतें ठीक हुए अमेरिका 22,917,334 383,275 13,483,490 भारत 10,467,431 151,198 10,092,130 ब्राजील 8,105,790 203,140 7,167,651 रूस 3,401,954 61,837 2,778,889 UK 3,072,349 81,431 1,406,967 फ्रांस 2,783,256 67,750 202,429 तुर्की 2,326,256 22,807 2,198,150 इटली 2,276,491 78,755 1,617,804 स्पेन 2,050,360 51,874 N/A जर्मनी 1,929,353 41,434 1,525,300 (आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं) Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today New strain of virus found in Japan, arrived from Brazil; This is different from the strain found in Britain and South Africa

  • दुनियाभर में व्हाइट​​​​​​​ नॉइज सुनने का ट्रेंड; सुकून देने वाला संगीत तनाव घटाता है, अच्छी नींद लाता है
    by जो बीरी,,3360 on January 11, 2021 at 12:58 am

    वॉशिंगटन में रहने वाली माया मोंटोया के लिए सॉन्ग ऑफ द ईयर रहा व्हाइट नॉइज। खासकर डिजिटल म्यूजिक प्लेटफॉर्म स्पॉटिफाई का सेलिस्टियल व्हाइट नॉइज। ये तीन घंटे का एक शांत म्यूजिक है। 27 वर्षीय मोंटोया कहती हैं कि हाल ही में जब स्पॉटिफाई ने अपने साल का रैप्ड चार्ट जारी किया तो वे चौंक गई। सेलिस्टियल व्हाइट नॉइज उनके चार्ट में शीर्ष पर था। बाद में ऐसे सैकड़ों लोगों ने बताया कि उनके टॉप चार्ट में इस बार व्हाइट नॉइज से जुड़ा म्यूजिक टॉप पर रहा। व्हाइट नॉइज ऐसी शांत ध्वनियां होती हैं जो सोने में मदद करती हैं। स्पॉटिफाई पर इस साल बैकग्राउंड साउंड, शांत म्यूजिक की मांग बढ़ी है। पिछले साल मार्च में जब कोरोना के कारण लोगों की चिंता बढ़ी तो यू-ट्यूब पर नींद से जुड़े साउंड, प्रकृति से जुड़ी ध्वनियां और सोने के समय आदि से जुड़े शब्दों से सबसे अधिक सर्च किए गए। इनकी संख्या ऑल टाइम हाई रही। वहीं दूसरी तरफ चीन में 20 करोड़ लोग रात में संगीत सुनते हैं। एंडेल एप के डाउनलोड में बीते वर्ष अगस्त तक 80% की बढ़ोतरी हो गई। यह एप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से ध्वनि बनाता है। ऐसे ही मशहूर एप काम (Calm) की डाउनलोड संख्या अगस्त में दोगुनी हो गई। आखिर होती क्या है व्हाइट नॉइज 1. क्या होती है व्हाइट नॉइज? वाइट नॉइस मन को सुकून देने वाली और शांत करने वाली ध्वनि होती है, जो नींद आने में मदद करती है। यह कोई गाना नहीं होता बल्कि यह प्राकृतिक या बनाई हुई ऐसी ध्वनि होती है जो किसी शोर-शराबे जैसी धुन के ऊपर ओवरलैप करती है और सुकून देती है। विज्ञान में किसी साउंड की फ्रीक्वेंसी और एप्टीट्यूड के संबंध के आधार पर उसे अलग-अलग रंगों में नाम दिया जाता है।2. क्या यह वैज्ञानिक रूप से साबित है? ऐसे ही पिंक नॉइज, ब्राउन नॉइज आदि भी होते हैं। कई अध्ययनों में वाइट नॉइज को नींद के लिए बेहतर बताया गया है। 2018 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया कि व्हाइट​​​​​​​ नॉइज फाेकस करने की क्षमता बढ़ाती है, इससे नींद बेहतर आती है। इसी वर्ष दक्षिण कोरिया में एक अध्ययन में कहा गया कि ऐसी ध्वनियों को सुनने से तनाव कम होता है। यह डिमेंशिया से उबरने में भी मददगार है। Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today वाइट नॉइस मन को सुकून देने वाली और शांत करने वाली ध्वनि होती है, जो नींद आने में मदद करती है।

 

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